ईटीपी प्लांट के बिना चल रहे कारखाने, नालियों में छोड़ा जा रहा गंदा पानी;अधिकारी सवालों से बचते नजर आए
महू क्षेत्र में संचालित आलू पपड़ी कारखानों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हालात यह हैं कि कारखाने रोज़ाना खुलेआम प्रदूषण फैला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए है।
जानकारी के अनुसार, अधिकांश कारखानों में ईटीपी (Effluent Treatment Plant) की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते दूषित पानी सीधे नालियों में छोड़ा जा रहा है। इससे न सिर्फ जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
इतना ही नहीं, इन कारखानों में अवैध रूप से लकड़ियों का उपयोग कर आलू चिप्स तैयार किए जा रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है।
जब इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी सतीश चौकसे से नोटिस और कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए “विजिट पर हूं, कल बताता हूं” कहकर बात टाल दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन कारखानों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदूषण की समस्या और विकराल रूप ले सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागता है और इन अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाता है।




