महू में एक निजी अस्पताल संचालक के बेटे से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस जांच को अहम सुराग मिला है। मामले की कड़ियां अशोकनगर में पकड़े गए एक संदिग्ध आरोपी से जुड़ती नजर आ रही हैं। इसी आधार पर इंदौर ग्रामीण पुलिस की टीम पूछताछ के लिए अशोकनगर पहुंची है।
व्हाट्सऐप कॉल पर दी गई थी धमकी
जानकारी के अनुसार 12 फरवरी को महू के किशनगंज थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल संचालक के बेटे को व्हाट्सऐप कॉल के जरिए धमकी दी गई थी। कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
अशोकनगर में भी मिला था ऐसा ही मामला
उसी दिन अशोकनगर में भी एक व्यापारी को इसी तरह का धमकी भरा कॉल आया था। कॉलर ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए 10 लाख रुपये की मांग की थी। घटना के बाद पुलिस ने व्यापारी के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी थी।
संदिग्ध युवक गिरफ्तार
दो दिन पहले अशोकनगर पुलिस ने व्यापारी के घर के पास राजस्थान निवासी मनीष जांगिड़ को संदिग्ध हालत में घूमते हुए पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से पेट्रोल बम, फर्जी आधार कार्ड और अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि वह किसी वारदात की योजना बना रहा था।
इंदौर आने वाला था आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अशोकनगर में वारदात को अंजाम देने के बाद वह इंदौर आने वाला था, जहां उसे अगले टारगेट के बारे में जानकारी दी जानी थी। हालांकि इंदौर में उसका निशाना कौन था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
दोनों घटनाओं का तरीका एक जैसा होने और आरोपी के संपर्कों को देखते हुए इंदौर ग्रामीण पुलिस की टीम अशोकनगर पहुंचकर पूछताछ कर रही है। एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी के मुताबिक पूछताछ के बाद रंगदारी नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।




