कैंट बोर्ड की अतिक्रमण मुहिम के बीच ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल; ठेले वालों पर सख्ती, लेकिन दुकानों के बाहर सड़क पर उतर रहा माल! त्योहारों से पहले जाम से राहत दिलाने की चुनौती।
महू। शहर के गोकुलगंज स्थित नकटी के नाले पर जाम की समस्या अब वाहन चालकों और राहगीरों के लिए रोज की मुसीबत बनती जा रही है। सड़क पर दोपहिया वाहनों, ऑटो और अन्य वाहनों की भीड़ के बीच लोगों को निकलने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि थोड़ी-सी अव्यवस्था भी यातायात को बाधित कर देती है। आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना है, ऐसे में समय रहते यातायात व्यवस्था सुधारना जरूरी हो गया है।
कैंट बोर्ड की मुहिम जारी, फिर भी सड़क पर जाम की स्थिति बरकरार!
आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए कैंट बोर्ड शहर के बाजारों में अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम चला रहा है। इस दौरान ठेला संचालकों को अपने ठेले ड्रिल शेड में ले जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि बाजार की सड़कों पर आवागमन सुचारु बना रहे। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल ठेला संचालकों पर कार्रवाई करने से ही बाजार की यातायात समस्या हल हो जाएगी?
दुकानों के बाहर माल उतरने से सड़क पर बढ़ रहा दबाव
स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आ रही है कि दुकानदार अपने माल की गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी करवाकर सामान उतरवाते हैं। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और पहले से व्यस्त मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। ऐसे में वाहन चालकों को निकलने के लिए जगह तलाशनी पड़ती है और जाम की स्थिति बन जाती है।
ठेले वालों पर सख्ती तो सड़क घेरने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
कैंट बोर्ड की अतिक्रमण मुहिम के बीच सबसे बड़ा सवाल ट्रैफिक विभाग की भूमिका को लेकर उठ रहा है। यदि सड़क पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित तरीके से माल उतारना यातायात में बाधा बन रहा है, तो इस पर भी प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल एक तरह के अतिक्रमण को हटाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। नियमों का पालन सभी से समान रूप से कराया जाना जरूरी है।
त्योहारों में बढ़ी भीड़ तो बिगड़ सकते हैं हालात
त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में नकटी के नाले पर पहले से बनी जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। यदि समय रहते मालवाहक वाहनों के लिए सामान उतारने की उचित व्यवस्था, सड़क पर अनावश्यक रुकावटों पर नियंत्रण और ट्रैफिक कर्मियों की प्रभावी तैनाती नहीं की गई, तो आम लोगों की परेशानी बढ़ना तय है।
जिम्मेदार विभाग कब करेंगे ठोस कार्रवाई?
गोकुलगंज के नकटी के नाले पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए कैंट बोर्ड और ट्रैफिक विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सड़क पर यातायात बाधित करने वाले वाहनों और गतिविधियों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि बाजार में आने वाले दुकानदारों, ग्राहकों और आम वाहन चालकों को राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग त्योहारों से पहले इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हैं या फिर हर दिन की तरह लोग जाम में फंसकर व्यवस्था को कोसने पर मजबूर होते रहेंगे।
सवाल साफ है—जब अतिक्रमण हटाने की मुहिम चल रही है, तो नकटी के नाले पर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ट्रैफिक विभाग कब मैदान में उतरेगा?



