इंदौर | द सोर्सेज
शहर के प्रॉपर्टी कारोबार में बड़ा खेल करने वाला चर्चित चेहरा एक बार फिर सुर्खियों में है। बिल्डर सुनील भाटिया, जो पिछले करीब दो साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, अब कानून के शिकंजे में फंसता नजर आ रहा है। कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत खारिज कर दी है, जिसके बाद गिरफ्तारी की तलवार और तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि आरोपी पर 10 से ज्यादा मामलों में नाम दर्ज है। आरोप है कि उसने बड़े-बड़े सपने दिखाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठी, लेकिन समय आने पर न तो प्लॉट दिए और न ही पैसा लौटाया। कई परिवार आज भी अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
🏗️ ‘भंवरसला कनेक्शन’ ने फिर बढ़ाई मुश्किलें
मामला सिर्फ एक कॉलोनी तक सीमित नहीं है। भंवरसला क्षेत्र की एक कॉलोनी से जुड़ा नया विवाद सामने आने के बाद केस ने फिर तूल पकड़ लिया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भरोसे के नाम पर करोड़ों की डील हुई, लेकिन जमीन का कोई ठोस हिसाब-किताब नहीं मिला।
💰 “ट्रिक्स इतना सॉलिड कि नाम भी पड़ा – ‘तिरकमाल सॉलिडर’!”
पुलिस रिकॉर्ड में सामने आया है कि आरोपी की कार्यशैली इतनी चालाक थी कि हर प्रोजेक्ट में एक ही पैटर्न दोहराया गया—बड़े वादे, एडवांस वसूली, और फिर देरी या विवाद। इसी वजह से उसका नाम “तिरकमाल सॉलिडर” जैसे चर्चित टाइटल से भी जोड़ा जा रहा है।
🚨 पुलिस एक्शन मोड में
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब पुराने सभी मामलों को जोड़कर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जल्द ही बड़ी गिरफ्तारी और नए खुलासे हो सकते हैं।
👀 आगे क्या?
शहर में यह मामला अब सिर्फ एक बिल्डर का नहीं, बल्कि पूरे प्रॉपर्टी नेटवर्क की साख पर सवाल खड़े कर रहा है। निवेशकों में डर का माहौल है और सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।




