कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा—कम बारिश से जलस्रोतों का घट रहा जलस्तर, किसानों और ग्रामीणों के सामने बढ़ सकता है संकट
महू। महू तहसील में इस वर्ष सामान्य से कम बारिश को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मुताबिक, तहसील में अब तक करीब 17.5 इंच बारिश हुई है, जबकि औसत वर्षा करीब 40 इंच है। उन्होंने कम बारिश के कारण जलस्रोतों का जलस्तर घटने का दावा करते हुए महू को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कहा कि बेक तालाब, चोरल डैम, नखेरी डैम और चोरल नदी सहित क्षेत्र के अन्य जलस्रोतों में पानी कम हो रहा है। उनका कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में पेयजल, सिंचाई और पशुधन के लिए परेशानी बढ़ सकती है।
कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि अल्प वर्षा का असर आगामी फसलों की बुवाई और उत्पादन पर पड़ सकता है। कांग्रेस के मुताबिक, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और उनके लिए कृषि ऋण की किस्तें चुकाना भी मुश्किल हो सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कृषि ऋण की वसूली पर रोक लगाने और ऋण माफ करने, फसल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को राहत एवं मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने विद्युत बिलों की वसूली पर रोक लगाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग भी रखी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि जल संकट की आशंका को देखते हुए सरकार और प्रशासन को समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि समय पर राहत और जल प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों और ग्रामीणों को आने वाले दिनों में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।




