संविधान निर्माता के साथ नए भारत के शिल्पकार हैं बाबा साहेब, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय पर दिया जोर
महू,14 अप्रैल 2026 — डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर आज डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) स्थित उनकी जन्मभूमि पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां डॉ. मोहन यादव ने पहुंचकर बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नए भारत का निर्माता बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के शिल्पकार भी हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व स्थापित करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके द्वारा रचित संविधान देश को दिशा देने वाला सबसे बड़ा ग्रंथ है, जिसका पालन हर नागरिक का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के शिक्षा और ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अत्यंत विद्वान थे और उन्होंने समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए काम किया। विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि संपत्ति में अधिकार, मातृत्व अवकाश और समान काम के लिए समान वेतन जैसे अधिकार बाबा साहेब की ही देन हैं।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पूरी तरह लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित किया गया है। साथ ही, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए अंतर्जातीय विवाह करने वाले दंपत्तियों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान ‘बाबा साहेब की दृष्टि में सामाजिक न्याय’ पुस्तक का विमोचन किया गया और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले पांच समाजसेवियों को ‘भीमरत्न अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महू विधायक ऊषा ठाकुर ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प दिलाया। वहीं वरिष्ठ विचारक आलोक कुमार ने कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय संविधान के माध्यम से छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त कर समाज को नई दिशा दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहा, जिसे मुख्यमंत्री ने होली-दीवाली जैसा बताया।




