महू क्षेत्र के कोदरिया गांव में संचालित आलू चिप्स कारखाने में हुए बॉयलर विस्फोट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में शुभम (पिता जितेंद्र मकवाना) नामक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि शुभम पानी भरने के लिए कारखाने में गया था, तभी अचानक बॉयलर फट गया और वह इसकी चपेट में आ गया।
घटना के बाद घायल बच्चे को तत्काल मध्यभारत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका। इसके बाद उसे इंदौर रेफर किया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस घटना ने आलू चिप्स कारखानों की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई कारखाने बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं और सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह भी है कि पूर्व में एसडीएम की कार्रवाई के दौरान कई कारखानों में बच्चों से काम करवाते हुए भी देखा गया था, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन कारखानों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत के चलते ही यह अवैध गतिविधियां जारी हैं। साथ ही, कारखानों से निकलने वाला गंदा पानी और बदबू आसपास के गांवों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। बताया जा रहा है कि यह दूषित पानी चोरल नदी के जरिए नर्मदा नदी तक पहुंच रहा है, जिससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है।
घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।




