बेटमा निवासी अनिल जाट पर सैन्य पहचान पत्र के गलत इस्तेमाल का आरोप, इंदौर पुलिस के साथ संयुक्त जांच जारी
महू/इंदौर। सेना के नाम और पहचान पत्र का कथित रूप से दुरुपयोग कर टोल प्लाजा पर छूट लेने का मामला सामने आया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस महू और इंदौर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मामले का खुलासा हुआ है। प्रकरण में बेटमा थाना क्षेत्र निवासी अनिल जाट (40) से पूछताछ की गई है।
जानकारी के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को अनिल जाट अपनी कार क्रमांक MP-13-ZZ-2566 से ओंकारेश्वर से उज्जैन की ओर जा रहा था। इसी दौरान इंदौर-देवास टोल प्लाजा पर उसने सेना का पहचान पत्र दिखाकर टोल शुल्क में छूट लेने का प्रयास किया। टोल कर्मचारी को पहचान पत्र को लेकर संदेह हुआ और उसने इसकी वैधता पर आपत्ति जताई।
पूछताछ में अनिल जाट ने बताया कि सेना का पहचान पत्र उसके भतीजे शुभम जाट का है। उसके अनुसार, भतीजे के बाहर जाने के दौरान पहचान पत्र वाहन में रखा हुआ था। उसने अपने मोबाइल से पहचान पत्र की फोटो खींची और बाद में फोटो कॉपी की दुकान से उसका प्रिंट निकलवा लिया था।
मामले की सूचना मिलने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस महू और क्षिप्रा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सेना के पहचान पत्र के कथित गलत इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पहचान पत्र का इस्तेमाल केवल टोल छूट लेने के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य भी था। साथ ही पहचान पत्र की फोटो खींचकर उसकी प्रति तैयार करने और उसके इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त जांच अभी जारी है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति अथवा व्यापक नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस की त्वरित कार्रवाई तथा टोल कर्मचारियों द्वारा की गई सतर्कता के चलते मामले का प्रारंभिक स्तर पर ही खुलासा हो गया। जांच पूरी होने के बाद प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




