महू। बड़गोंदा थाना क्षेत्र के गवली पलासिया में रहने वाला एक मजदूर परिवार उस समय गहरे सदमे में आ गया, जब उनकी ढाई साल की मासूम बच्ची को सोते समय जहरीले साँप ने काट लिया। घटना के समय बच्ची घर में सो रही थी। परिजन उसे गंभीर हालत में तत्काल इलाज के लिए मध्यभारत अस्पताल, महू लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिला। उनका कहना है कि अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं थे, वहीं गंभीर हालत में होने के बावजूद बच्ची को समय पर ऑक्सीजन भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इलाज में हुई देरी के कारण बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
स्थिति गंभीर होने पर बच्ची को इंदौर रेफर कर दिया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इंदौर में उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि यदि मध्यभारत अस्पताल में समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी।
इस दर्दनाक घटना के बाद मध्यभारत अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महू और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह प्रमुख सरकारी अस्पताल है, ऐसे में यहां 24 घंटे शिशु रोग विशेषज्ञ, पर्याप्त ऑक्सीजन और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था होना आवश्यक है।
मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या नहीं।




