बंडा बस्ती में यूसुफ और मोहम्मद शरीफ की हत्या मामले में 7 साल बाद आया फैसला, सभी आरोपियों को दोषी माना गया
महू की बंडा बस्ती में वर्ष 2019 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय, इंदौर ने 18 आरोपियों को दोषी करार दिया है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. अंबेडकरनगर (महू) की अदालत ने मंगलवार 30 जून 2026 को अपना फैसला सुनाया।
अदालत ने शाहिद, मंजूर, मोहम्मद बाशिद, मोहम्मद जेद, सद्दाम, मोहम्मद साबिर, अबरार, मोहम्मद साबिर (द्वितीय), मोहम्मद इरफान, नजही बी, मोहम्मद सूफियान, मोहम्मद शाकिर, वसीम, शोएब उर्फ कल्ला, मोहम्मद शोहेब उर्फ पोंडू, तनवीर, नर्स बी और मोहम्मद हमूद को दोषी पाया।
न्यायालय के अनुसार, 18 जनवरी 2019 की सुबह करीब 6:30 बजे मोहम्मद यूसुफ और मोहम्मद शरीफ दूध वितरण के लिए मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बंडा बस्ती में आरोपियों ने उनका रास्ता रोककर सुनियोजित तरीके से हमला किया। हमलावर तलवार, फालिया, लोहे के पाइप, चेन, डंडे और लट जैसे घातक हथियारों से लैस थे।
अदालत ने माना कि सभी आरोपियों ने अवैध जमावड़ा बनाकर बल और हिंसा का प्रयोग किया तथा दोनों पर जानलेवा हमला किया। हमले में यूसुफ और मोहम्मद शरीफ गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने सभी 18 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 341, 148, 427, 149 सहित आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी माना।
इस बहुचर्चित मामले में दोष सिद्ध होने के बाद अब अदालत आरोपियों की सजा पर सुनवाई करेगी। फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।




