महू तहसील के कालाकुंड गांव में शुक्रवार रात आयोजित ग्राम चौपाल ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं का मंच बन गई। माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने कलेक्टर शिवम वर्मा के सामने सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चौपाल में सबसे ज्यादा मुद्दा भगोरा-कालाकुंड सड़क का उठा। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण सड़क निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। सड़क अधूरी होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस दिशा में जल्द कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर शिवम वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने नल-जल योजना की भी शिकायत की। ग्रामीणों का कहना था कि गर्मी के दिनों में गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती है और लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता
महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। इस पर कलेक्टर ने जल विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई। ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। कई शिक्षकों की ड्यूटी शासकीय योजनाओं के कार्यों में लगा दी जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। बिजली कटौती का मुद्दा भी चौपाल में प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार बिजली जाने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और गर्मी में बुजुर्गों व छोटे बच्चों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्राम चौपाल के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने कालाकुंड के होम स्टे का भी निरीक्षण किया और वहां के अतिथि सत्कार की सराहना की। इस दौरान एसडीएम राकेश परमार, तहसीलदार विवेक सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




