साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंदौर ग्रामीण पुलिस ने “सेफ क्लिक 2.0” अभियान की शुरुआत की। पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार वर्मा ने बुधवार को किशनगंज थाना क्षेत्र स्थित बंसल कॉलेज में अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और कॉलेज स्टाफ मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक उमाकांत चौधरी, नितिन सिंह, ललित सहित साइबर टीम और कॉलेज प्रबंधन उपस्थित रहे। संचालन श्रेयसी श्रीवास्तव ने किया।
अपने संबोधन में एसपी वर्मा ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया ठगी, बैंकिंग फ्रॉड और ओटीपी फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से बचाव की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है और प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहना होगा।
डीएसपी उमाकांत चौधरी ने साइबर ठगी की शिकायत प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। वहीं डीएसपी नितिन सिंह ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और जिम्मेदार नागरिक कर्तव्यों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रश्नों का समाधान किया गया तथा सभी ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ ली।
कार्यक्रम के बाद एसपी राजेन्द्र वर्मा ने साइबर एवं यातायात जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर महू क्षेत्र के लिए रवाना किया। यह रथ महू और आसपास के क्षेत्रों में साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल और यातायात नियमों को लेकर आमजन को जागरूक करेगा।
इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा किशनगंज, महू, सांवेर, देपालपुर, गौतमपुरा, सिमरोल, खोड़ैल, बड़गोंदा, मानपुर, बेटमा और हातोद सहित जिलेभर में “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं।
“सजग नागरिक – सुरक्षित साइबर स्पेस” और “सावधानी ही सुरक्षा है” के संदेश के साथ इंदौर ग्रामीण पुलिस का यह अभियान जिलेभर में जारी रहेगा।




