महू। महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से महू में पहली बार केरल की प्राचीन युद्ध कला “कलारिपयट्टू” का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 29, 30 और 31 मई 2026 को चम्पा वाला बगीचा, प्लाऊडन रोड महू में सुबह 7 से 9 बजे तक आयोजित होगा।
आयोजकों के अनुसार कलारिपयट्टू भारत की प्राचीन सनातनी युद्धकला है, जिसे आधुनिक मार्शल आर्ट की जननी माना जाता है। प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के साथ शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती, एकाग्रता और आत्मबल बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम में केरल से विश्वप्रसिद्ध प्रशिक्षक एवं गुरुक्कल डॉ. एस. महेश प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे। बताया गया कि वे अपनी पारिवारिक परंपरा की पांचवीं पीढ़ी के रूप में इस विद्या का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
यह आयोजन संस्था उद्बोध एवं संस्था धर्म द्वारा विक्रम दुबे एंड एसोसिएट्स के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजकों ने समाज की महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।



